संगोष्ठी का परिचय

सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ एवं नगर राजभाषा कार्यान्वनयन समिति ( नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कार्यालय-3) लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में ‘’स्वच्छ‍ भारत एवं स्वस्थ भारत’’ के क्षेत्र में जागरूकता हेतु संदर्भित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ''पर्यावरण प्रदूषण: चुनौतियाँ एवं रणनीतियाँ'' का आयोजन 11-13 अक्टूतबर, 2017 के दौरान किया जा रहा है।

पर्यावरण प्रदूषण की समस्या आज मानव समाज के समक्ष सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है। पिछले कुछ दशकों में प्रदूषण जिस तेजी से बढ़ा है, उसने भविष्य में जीवन के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह लगाना शुरू कर दिया है। आधुनिक युग में हमने औद्योगिक विकास तो कर लिया है, परंतु प्राकृतिक संरक्षण नहीं कर पा रहे हैं। पृथ्वी पर सभी प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बने रहना बहुत जरूरी है। हम औद्योगिक विकास की दौड़ में प्रकृति को ही भूल गये और इसके फलस्वरूप आज दुनिया में अलग-अलग तरह की पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

पर्यावरण प्रदूषण आज विकसित एवं विकासशील देशों की प्रमुख समस्याओं में एक है। अत: प्रत्येक मनुष्य को पर्यावरण-संरक्षण को उतनी ही प्राथमिकता देनी होगी, जितनी कि वह अन्य भौतिक समस्याओं को देता है। संपूर्ण विश्व के वैज्ञानिक आए दिन प्रदूषण से संबंधित रिपोर्ट प्रकाशित करते रहते हैं और आने वाले खतरे के प्रति हमें आगाह करते रहते हैं। विश्व के सभी देश इससे होने वाली हानियों को लेकर चिंतित हैं जो कि हाल ही में हुए ‘पेरिस जलवायु समझौते’ से परिलक्षित होता है।

हमें यह भी समझना होगा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का समाधान संभव नहीं है, अपितु जनमानस की सहभागिता एवं सामाजिक जागरूकता का होना नितांत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा स्वयं की जिम्मेदारी के अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे सामूहिक प्रयास से ही प्रदूषण की विश्वव्यापी समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

विगत में सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थाान, लखनऊ ने जन-सामान्य से जुड़े विषयों पर हिंदी में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया है। संस्थान की छमाही राजभाषा पत्रिका ‘’विषविज्ञान संदेश’’ के अंक 23-24, 25 एवं 26 को लगातार तीन बार सर्वश्रेष्ठ पत्रिका प्रकाशन की श्रेणी का प्रथम पुरस्कार भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय-3), लखनऊ से प्राप्त हुआ है। इसके अलावा राजभाषा के प्रयोग में उत्कृष्ट कार्य का प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। संस्थान का वार्षिक प्रतिवेदन विगत कई वर्षों से द्विभाषी प्रकाशित किया जा रहा है। संस्थान में नियमित रूप से वैज्ञानिक विषयों पर हिंदी में आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया जाता है। सीएसआईआर की प्लैटिनम जुबली और संस्थान के स्वर्ण जयंती वर्ष की श्रृंखला में जन-सामान्य से जुड़े समकालीन विषयों को समाहित कर संदर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।

थीम विकल्प चुनें
फॉन्ट साइज़ प्रीडिफ़ाइंड स्किन कलर